कश्मीर में शहीद हुए पांच जवानों में से चार हैं मुसलमान

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कर चले हम फिदा जान ओ तन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
इसी जज्बे के साथ भारत का एक. और लाल आतंकियों के मंसबूे ध्वस्त करने में शहीद हो गया. देश के इस वीर सपूत का नाम था मुजाहिद खान. शहीद होते होते मुजाहिद ने इन आतंकियों के छक्के छुड़ा दिए.

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित एक सीआरपीएफ कैंप पर पाक समर्थक आतंकियों ने हमला कर दिया था जिसे सीआरपीएफ के बहादुर जवानों ने विफल करार दिया.

इसके बाद आंतकियों और जवानों में मुठभेड़ हुआ जिसमें बिहार के भोजपुर जिले के मुजाहिद खान दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए.

मुजाहिद खान सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन के जवान थें. मुजाहिद पीरो गांव के दरगाह निवासी थें. इनके पिता अब्दुल खैर खान इलाके के जाने माने मिस्त्री थें.

मुजाहिद की शहादत पर दुख जताते हुए भोजपुर जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव और पीरो निवासी मनोज उपाध्याय ने कहा कि मुजाहिद की शहादत से हमें गम और गुस्से के साथ साथ फख्र भी है. उनके वीर कुंवर सिंह की धरती के मान को आगे बढ़ाया है. उन्होंने केंद्र सरकार से मुजाहिद की शहादत का बदला लेने की अपील की है.

सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमले का मास्टर माइंड पाकिस्तान बेस्ड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ अजहर मसूद है,जिसे वहां पर सपोर्ट मिलता है। रक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, “सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। लेकिन, पाकिस्तान को सबूत देना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। ये हर बार साबित हुआ है कि वे ही जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान को इस हरकत की कीमत चुकानी होगी।” रक्षामंत्री का ये सख्त वॉर्निंग मुफ्ती के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से बातचीत करना चाहिए। सोमवार को सीतारमण ने मुफ्ती से भी मुलाकात की। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 3 दिन में दो आतंकी हमले हुए। पहला हमला शनिवार को जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप और दूसरा सोमवार को श्रीनगर के सीआरपीएफ कैंप पर हुआ। जिसमें 5 जवान शहीद हुए और एक सिविलियन की मौत हो गई। सीआरपीएफ कैंप हमले में एक जवान शहीद हो गया।

सुंजवान अटैक पर क्या बोलीं रक्षा मंत्री सीतारमण?
1) जैश-ए-मोहम्मद के थे आतंकी
– निर्मला सीतारमण ने कहा, “सुंजवान में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन सुबह 10.30 पर खत्म हो गया है। लेकिन, सेनिटेशन ऑपरेशन जारी है। आतंकियों का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से था, जिसे पाकिस्तान में बैठा अजहर मसूद ऑपरेट करता है और जिसे वहां से सपोर्ट मिलता है।”

2) आतंकियों को लोकल सपोर्ट की आशंका

“आतंकियों ने मिलिट्री स्टेशन को हमले के लिए चुना जहां इंिडयन आर्मी के जवानों और उनकी फैमिली के घर थे। ये जगह इंटरनेशनल बॉर्डर से करीब 30 किलोमीटर दूर है। यहां काफी घनी आबादी है। कैंटोंमेंट की डेमोग्राफी और आसपास के इलाके से ये लगता है कि आतंकियों को लोकल सपोर्ट मिला।”

3) फैमिली क्वॉर्टर्स की ओर भागे आतंकी
– “इस हमले के मद्देनजर एक अलर्ट जारी हुआ। इसके बाद क्विक रिएक्शन टीमों को जरूरी जगहों पर तैनात किया गया। ऐसा महसूस हुआ कि पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड
टेरिरिस्ट सॉफ्ट टारगेट की ओर जाएंगे इसलिए QRT को सुंजवान की फैमिली एकोमडेशन में भी भेजा गया। आतंकियों की घुसपैठ को संतरी ने रोका और QRT ने भी तुरंत इसका जवाब दिया। दोनों के बीच भारी गोलीबारी हुई। इस फायरिंग के चलते आतंकियों को बिखरना पड़ा और वे कोऑर्डिनेटेड हमले नहीं कर पाए। इसके बाद आतंकी फैमिली क्वॉर्टर्स की तरफ भागे और कुछ ब्लॉक्स पर कब्जा कर लिया।”

4) 189 फ्लैट्स से फैमलीज को सुरक्षित निकाला
– “आतंकवादी सेना की वर्दी में थे और उनकी पहचान मुश्किल थी इसलिए ऑपरेशन को इस तरह से अंजाम दिया गया, ताकि मिस्टेकन आइडेंटिटी की वजह से किसी की जान पर जोखिम ना हो। ऑपरेशन के दौरान 26 ब्लॉक्स को सर्च किया गया और 189 फ्लैट्स से फैमिलीज को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसमें वक्त लगा और ये काफी चुनौतीभरा भी था।”

5) आतंकियों ने निहत्थे जवानों पर फायरिंग की
– “काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन के दौरान एक सिविलियन समेत 6 जवानों की जान गई। आतंकियों ने निहत्थे जवानों और उनकी फैमिली पर फायरिंग की। वे फैमिली क्वॉर्टर्स में जबरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहे थे।”

6) 4 में से 3 आतंकी मार गिराए
– “3 आतंकियों को सेना ने मार गिराया। इलाके में 4 टेररिस्ट होने की इन्फर्मेशन थी। हो सकता है कि चौथा आतंकी गाइड हो और वो कैम्प में ना घुसा हो।”

7) सीमा पार से हैंडलर्स आतंकियों को कंट्रोल कर रहे थे
– रक्षा मंत्री बोलीं, “जैश के जिस मॉड्यूल ने हमले को अंजाम दिया है, हो सकता है कि वो कुछ अरसा पहले भारत में दाखिल हुआ हो। इसकी भी संभावना है कि उन्हें ऑपरेशन से पहले लोकल सपोर्ट भी मिला हो। हमारे इंटेलिजेंस इनपुट इशारा करते हैं कि इन टेररिस्ट को सीमा पार बैठे हैंडलर्स कंट्रोल कर रहे थे। सबूतों की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी ने की, जो जल्द ही डिटेल रिपोर्ट देगी।”

8) घुसपैठ रोकने में कामयाबी मिली है
– “पाकिस्तान पीरपंजाल के दक्षिण में टेररिज्म को स्पॉन्सर कर रहा है और घुसपैठ के लिए सीजफायर वॉयलेशन कर रहा है। इन कोशिसों का माकूल जवाब दिया गया। लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ रोकने के लिए हमारे सिस्टम के जरिए बड़ी कामयाबी मिली है। सिक्युरिटी फोर्सेस की लगातार कोशिशों के चलते आतंकी गतिविधियों पर रोक लगी है। मौसम और बर्फबारी के चलते घुसपैठ को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए सरकार मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एडिशनल सेंसर्स, यूएवी और लॉन्ग रेंज सर्विलांस डिवाइसेस को लाइन ऑफ कंट्रोल को कवर करने के लिए लगाया गया है।’

9) जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा
– “आखिर में मैं अपने बहादुर जवानों की जान जाने पर और उनके परिवारों पर कायराना हमले के लिए शोक जाहिर करती हूं। मैं देश को ये भरोसा दिलाती हूं कि उनका बलिदान बेकार नहीं जाएगा। हम पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड टेररिज्म के जरिए देश में हिंसा फैलाने की हर कोशिश को रोकेंगे और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।’

10) मुफ्ती के साथ हालात पर चर्चा की
– सीतारमण ने कहा, “मैं घायलों से मिलिट्री हॉस्पिटल में मुलाकात की। मैंने चीफ मिनिस्टर (महबूबा मुफ्ती) से भी मुलाकात की, उनके साथ मैंने विस्तार से हालात पर चर्चा की। उन्होंने इतने शॉर्ट नोटिस पर मुलाकात की, इसके लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं।”

पांच शहीदों में दो सूबेदार, 1 हवलदार

– सूबेदार मदन लाल

– सूबेदार मोहम्मद अशरफ मीर

– हवलदार हबीबुल्लाह कुरैशी
– नायक मंजूर अहमद
– लांस नायक मोहम्मद इकबाल

– लांस नायक मो. इकबाल के पिता (सिविलियन

बिहार के मोहम्मद मुजाहिद हुए शहीद
भोजपुर जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों से लोहा बिहार के एक जवान का शव सोमवार को पटना पहुंचा ही था कि फिर एक जवान की शहादत की खबर आई। श्रीनगर के करन नगर में सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने की फिराक में वहां पहुंचे आतंकियों से लोहा लेते सीआरपीएफ 49वीं बटालियन के जवान मो. मोजाहिद खान ने अपनी शहादत दे दी। वे बिहार के भोजपुर के रहने वाले थे।

जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह करन नगर स्थित सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने में नाकाम आतंकी एक मकान में घुस गए। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों ने इलाके की घेराबंदी की। इस दौरान आतंकियों से लोहा लेते हुए सीआरपीएफ 49वीं बटालियन के जवान मो. मोजाहिद खान शहीद हो गया।

जम्मू कश्मीर के सुजवा आर्मी कैंप के बाद सोमवार की सुबह करन नगर के सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में आमने-सामने की गोलीबारी में मोजाहिद खां शहीद हो गए। बताया जाता है कि आतंकियों ने जब हमला किया तो संतरी ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसपर उन्‍होंने फायरिंग शुरु कर दी। इतने में मुजाहीद ने भी मोर्चा संभाल लिया।

जवानों की तत्परता और मोर्चाबंदी देख आतंकी एक घर का सहारा लेकर गोलीबारी करने लगे। इस दौरान मोजाहिद खान को लग गयी। जख्मी जवान को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह चल बसा।

मूल रूप से भोजपुर के पीरो गांव निवासी राजमिस्त्री रहे अब्दुल खैर खां के पुत्र मोजाहिद सितम्बर 2011 में सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। केरल के पलीपुरम में उनकी ट्रेनिंग हुई, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग हैदराबाद में हुई। छह माह पहले उनकी बटालियन श्रीनगर गई थी। 25 वर्षीय मोजाहिद बचपन से ही देशभक्ति की भावना से लवरेज थे। घर में मां हसीना खातून व भाभी का रो रोकर बुरा हाल है। उनकी शहादत की खबर मिलते ही घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है

जब पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बरेली केे गुलफाम अंसारी ने प्रधान मंत्री को खून से खत लिख दिया

बरेली। पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही घुसपैठ से हिंदुस्तान के सैनिक शहीद हो रहे हैं। युवा बरेली सेवा क्लब के अध्यक्ष गुलफ़ाम अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से खत लिखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि अब पाकिस्तान को 56 इंच का सीना दिखाने का समय आ गया है।

अंसारी ने कहा- पाकिस्तान आतंकियों द्वारा हमारे सैनिकों पर हमला किया जा रहा है। सुजवा पर पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले में पांच जवान शहीद हो गए। उन्होंने मांग की है कि अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान को उसके घर में घुस कर मारना चाहिए।

बता दें, जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमले का मास्टर माइंड पाकिस्तान बेस्ड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ अजहर मसूद है,जिसे वहां पर सपोर्ट मिलता है। रक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, “सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। लेकिन, पाकिस्तान को सबूत देना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। ये हर बार साबित हुआ है कि वे ही जिम्मेदार हैं।

Source-Fews News

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