जिन्ना के साथ संघ ने सरकर बनाया, अटल बिहारी ने किया तारिफ, RSS ने कहा पाकिस्तान हमारा भाई !

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1999 में अटल बिहारी वाजपेई पाकिस्तान में जाकर मीनार-ए-पाकिस्तान पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे। इसके पहले किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने मीनार-ए-पाकिस्तान पर जाकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित नहीं किए थे। मीनार-ए-पाकिस्तान पर जाने के बाद में अटल बिहारी वाजपेई वहां जिन्ना के संग्रहालय में गए। वहां पर उन्होंने जिन्ना के तस्वीरों को और सभी दस्तावेजों को बड़ी बारीकी से देखा और वहां पर उपस्थित सभी लोगों से बडे भावुक और रुँधे गले से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि जिन्ना की सोच बहुत दूरदर्शी थी और जिन्ना ने जो ठानी वह पूरी करके दिखाई।

जिन्ना एक धर्मनिरपेक्ष थे, जो 1940 में अलग राष्ट्र की सोच रखी और मात्र 7 साल में उसे हासिल कर लिया, जबकि हमारे देश में कई राज्य तक इतने सारे इतने कम समय में नहीं बन पाए, अब पता नहीं अटल बिहारी वाजपेई ने बातें प्रशंसा में कही थी या आलोचना में।
फिर उसके बाद में पाकिस्तान के कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी ने मीनार-ए-पाकिस्तान को धोकर साफ किया क्योंकि उनका कहना था कि किसी भारतीय के पांव पड़ने से मीनार ए पाकिस्तान अशुद्ध हो गई है।
इसके बावजूद कुछ सालों बाद भाजपा के स्वयंभू लौह पुरुष आडवाणी जिन्ना की मजार पर माथा टेकने गए थे और कुछ दिन बाद जसवंत सिंह ने पाकिस्तान जाकर यही काम दोहराया।

जिसके बाद कहा जाता है आरएसएस और बीजेपी में काफी हद तक नाराजगी जताई गई, कूछ दिनों बाद आरएसएस नेता एचवी शेषाद्री के श्रद्धांजलि समारोह में अटल बिहारी ने शेषाद्री की एक किताब ‘और देश बँट गया….’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन्ना एक धर्मनिरपेक्ष थे, राष्ट्रवादी थे जो वो सोचे उन्होने पूरा किया मैं उनका नमनमस्तक करता हूँ। आगे वाजपेयी ने किताब का उल्लेख करते हुए कहा कि बाद में जिन्ना के जीवन में बदलाव आया. वाजपेयी ने कहा, “हम जिन्ना के जीवन को आधा करके नहीं देख सकते. उनका बाद का जीवन कट्टरता का जीवन, मुस्लिम लीग के निर्माता का जीवन, देश के विभाजन के लिए उत्तरदायित्व का जीवन है.”

अब सवाल उठता है खुद को कथित रुप से एक राष्ट्रवादी देशप्रेमी के तौर पर कहने वाले संघ और बीजेपी ही क्यूँ पाकिस्तान प्रेमी है जिन्ना प्रेमी है। क्या कोई संघ या बीजेपी के नेता साबित कर सकते है आज तक कोई कांग्रेसी प्रधानमंत्री या नेहरु -गांधी परिवार के किसी भी सदस्य का नाम कोई बता दे जो जिन्ना की मजार पर या मीनार ऐ पाकिस्तान पर जाकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किया है।

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