“इस्लाम सच्चाई और समानता की शिक्षा देता है”- डॉक्टर भीमराव अंबेडकर

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“इस्लाम धर्म संपूर्ण एवं सार्वभौमिक धर्म है जो कि अपने सभी अनुयायियों से समानता का व्यवहार करता है (अर्थात उन को समान समझता है) यही कारण है कि 7 करोड़ अछूत हिंदू धर्म को छोड़ने के लिए सोच रहे हैं और यही कारण था कि गांधीजी के पुत्र (हरिलाल) ने भी इस्लाम धर्म ग्रहण किया था। यह तलवार नहीं थी कि इस्लाम धर्म का इतना प्रभाव हुआ बल्कि वास्तव में यह थी सच्चाई समानता जिसकी इस्लाम शिक्षा देता है” बाबा साहेब के अलावा गांधी जी, आदि स्वतंत्रता सेनानी ने भी समय समय पे इस्लाम के मत में अपने विचार प्रस्तुत किये हैं । इस्लाम के शांति सन्देश देने वाला धर्म है उसके अनुयायी शांत होने चाहिए, यंहा तक कहा जाता है कि गांधी जी के एक बेटे ने जिसका नाम हिरा लाल था इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था।

डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर भीमराव अंबेडकर साहब भीमराव अंबेडकर भीमराव अंबेडकर (बैरिस्टर, अध्यक्ष संविधान निर्मात्री सभा) (“द स्पोक अंबेडकर” चौथा खंड – भगवान दास, पृष्ठ 144- 145 से उद्धत) अधिक जानकारी के लिए इस किताब का साहारा ले, और ज्ञान बढ़ाए की इस्लाम के लिए क्या विचार रखते थे बाबा साहेब अम्बेडकर, अन्य किताबो में भी ज़िक्र किया गया है कि लेकिन सबसे तठस्थ किताब द स्पोक ही मानी जाती है। समय समय पर लोग आज भी इन महापुरषो को सिर्फ जयंतियों पे याद करते रहते है।

सही कहते थे बाबासाहेब इस्लाम समानता और सच्चाई का प्रतीक है अगर उसके बारे में जानना है तो उनकी किताबों को पढ़ना पड़ेगा मोहम्मद साहब को पढ़ना पड़ेगा उनके जीवन के उतार चढ़ाव को पढ़ना पड़ेगा तब जाकर तुम समझ पाओगे इस्लाम क्या है।

अगर इस्लाम तलवार के दम पर फैला होता तो इतनी तेजी के साथ पूरे विश्व में नहीं फैल गया होता इस्लाम आज भी उसी गति के साथ फ़ैल रहा है जिस गति के साथ उसने अपना प्रचार शुरू किया था इस्लाम वह है जब एक बुढ़िया खुन्नस खाकर मोहम्मद साहब के ऊपर रोज कूड़ा फेंक दिया करती थी ।

लेकिन मोहम्मद साहब मुस्कुराते हुए उसके दरवाजे से उसे देखते हुए निकल जाते ऐसा एक दिन नहीं वह हमेशा किया करती थी एक दिन उस बुढ़िया के दरवाजे पर सुनसान थी मोहम्मद साहब उस दरवाज़े से गुजरे देखा कि आज बुढ़िया ने कूड़ा नहीं फेंका उसी वक्त उसके घर गए तो देखा बढ़िया बीमार पड़ी थी ।

मोहम्मद साहब को अपने घर में देखकर बुढ़िया रो पड़ी मोहम्मद साहब ने उसका हालचाल जाना उनकी इसी बात से खुश होकर बुढ़िया ने उसी वक्त वक्त कलमा पढ़ लिया और मुसलमान हो गई।

इस्लाम वह है जो अपने पड़ोसी को भूखा नहीं सोने देता, इस्लाम वो है जो दूसरों की हिफाजत भी करता है, इस्लाम वह है जो दूसरों की आजादी का पूरा ख्याल रखता है, इस्लाम वह है जो सच को सच कहने का दम रखता है।

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