मुस्लिम युवक की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर गगनदीप को अब मिला बहादुरी का इनाम

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पिछले दो तीन महीने से देश में एक आदमी को लेकर बड़ी आम सी राय बनी है. उसके बारे में लोगों ने कहा- वो मिसाल है. कि पुलिसवाला हो, तो ऐसा हो. बस कुछ तस्वीरें और एक विडियो निहारकर ही वो सबको सगा लगने लगा. कइयों ने अपनी प्रोफाइल फोटो में उसे टांक लिया. न्यूज चैनल के प्राइम टाइम तक पर उसका जिक्र छिड़ने लगा. रातोरात देश का कलेक्टिव यूफोरिया बन गया वो. वो, माने गगनदीप. गगनदीप सिंह. उत्तराखंड पुलिस के वो सब-इंस्पेक्टर, जिन्हें अक्खा इंडिया जानता है.

बीते 22 मई को एक प्रेमी जोड़ा मंदिर में मिलने गया था, जहां कुछ लोगों ने संस्कृति बचाने के नाम पर लड़के पर हमला कर दिया था। तभी अचानक उत्तराखंड पुलिस के सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह ने बहादुरी दिखाते हुए उस लड़के की जान भीड़ से बचाई थी। अब गगनदीप को उनकी इस बहादुरी का ईनाम मिला है, उन्हें ‘सराहनीय सेवा सम्मान’ चिन्ह से नवाजा गया है। दरअसल ये मामला नैनीताल जिला के गिरिजा गांव का है।

जहां गिरिजा देवी के एक मंदिर में एक प्रेमी जोड़ा घर से छिपकर मिलने आया था। उन्हें संस्कृति बचाने के नाम पर गंदी गालियाँ दी गई, लड़के को पीटा भी गया। लेकिन मामला तब ज्यादा बिगड़ गया जब भगवा भीड़ को पता चला की लड़का मुस्लिम है और लड़की हिंदू है। लड़की को हिंदू धर्म पर कलंक घोषित कर दिया गया। इसी बीच उत्तराखंड पुलिस की तरफ से सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की मगर लोग नहीं माने

पुलिस के सामने ही लड़के को पीटना शुरू कर दिया। गगनदीप सिंह ने लड़के को कवर कर लिया। अपनी बांहो में लड़के को छिपाए मंदिर परिसर से बाहर निकलने लगे। भीड़ पुलिस प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाने लगी। मंदिर का गेट बंद किया गया लेकिन किसी तरह गगनदीप सिंह ने प्रेमी जोड़े को बचा लिया। पूरा मामला मोरल पुलिसिंग का था, और इस बहादुर पुलिस वाले ने अपना काम बखूबी करते हुए इस गुंडागर्दी का विरोध किया किया। अब उत्तराखंड पुलिस ने उनके योगदान को पहचाना और सम्मानित किया है.

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