तीन तलाक को लेकर नरेंद्र मोदी ने कही ये बड़ी बात

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रविवार (26 अगस्त) को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की नारी शक्ति के खिलाफ़ कोई भी सभ्य समाज किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकता और इसी उद्देश्य से दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ कठोर कानून बनाया गया है और मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिये तीन तलाक संबंधी विधेयक को संसद से मंजूरी को प्रयासरत हैं। मंदसौर दुष्कर्म मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंदसौर की अदालत ने बहुत ही कम वक्त में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। इस बीच उन्होंने तीन तलाक से संबंधित बिल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘यह बिल लोकसभा में पास हो गया है, अभी राज्यसभा से पास होना है। पीएम ने कहा, ‘मैं मुस्लिम महिलाओं को विश्वास दिलाता हूं कि पूरा देश उन्हें न्याय दिलाने के लिए खड़ा है।

नरेंद्र मोदी ने देश की राजनीति में बदलाव के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। मोदी ने कहा, ”अटलजी ने राज्यों में बड़े-बड़े मंत्रीमंडल गठित करने का चलन बदला और इसके विस्तार को 15% तक सीमित किया। कई दलों ने सहयोगियों को फायदा पहुंचाने के लिए दशकों तक यही किया। अटलजी के प्रयासों से सरकारी पैसे और संसाधनों की बर्बादी बंद हुई। प्रधानमंत्री ने कहा, ”अटलजी के कार्यकाल में इंडियन फ्लैग कोड बना और बजट पेश करने का समय भी बदला गया। उन्होंने दल बदल कानून को भी मजबूत किया। स्वच्छ राजनीति के लिए अटलजी ने चुनाव सुधार और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली में आए विकारों को दूर किया। इस मन की बात के लिए ज्यादातर सुझाव अटलजी को लेकर आए। 16 अगस्त को उनके निधन की खबर सुनते ही हर कोई शोक में डूब गया था। वे 10 साल से सक्रिय राजनीति और खबरों से दूर थे, लेकिन अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़ ने इस दूरी को मिटा दिया।

94 साल की भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ”पिछले दिनों कुछ जगहों पर जरूरत से ज्यादा बारिश हुई। केरल में बारिश और बाढ़ से जानमाल का नुकसान हुआ। कई परिवारों ने अपनों को खोया। मैं पीड़ितों को भरोसा दिलाता हूं कि देश आपके साथ खड़ा है। अपने अदम्य साहस के बल पर केरल फिर उठ खड़ा होगा। हर कोई केरल के लोगों की मदद करना चाह रहा है। सशस्त्र बलों के जवानों ने विनाशकारी बाढ़ में लोगों को बचाने का काम किया। संकट के क्षणों में एनडीआरएफ ने भी अहम भूमिका निभाई।

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