ट्रंप से भी शानदार कार पर चलता है यह शख्स, कार की कीमत दो हजार करोड़ से ज्यादा

0

हेलसिंकी। अमेरिका व रूस को दुनिया में सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। दोनों देशों के प्रेसीडेंट की सुरक्षा ऐसी होती है कि परिंदा पर भी न मार सके। दोनों की कार भी पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी रहती है। कार की खासियत में रूस के प्रेसीडेंट ब्लादिमीर पुतिन अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप पर भारी पड़े हैं। पुनि पहली बार विदेश में किसी विदेशी नेता से मिलने अपनी प्राइवेट कार ऑरस सेनात में पहुंचे। पुतिन की इस कार को बनाने में 6 साल लगे और इस पर 30 करोड़ डॉलर (2048 करोड़ रुपए) खर्च आया।

ऑरस सेनात लिमोजिन को इस साल की शुरुआत में ही लॉन्च किया गया था। इससे पहले पुतिन खुद इसमें महज एक बार ही बैठे थे। ट्रम्प से इस तरह सुपरपावर कार में मिलने जाने को पुतिन के शक्ति प्रदर्शन से भी जोडक़र देखा जा रहा है। फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में पहली शिखर वार्ता के दौरान पुतिन ने इस कार का इस्तेमाल किया।

रासायनिक हमला नहीं हो सकता….रूस के ऑटोमोबाइल के एक एक्सपर्ट सेनात को एक बख्तरबंद गाड़ी करार देते हैं। उनके मुताबिक यह इतनी गजब की कार है कि लैंडमाइन धमाके में भी सेनात का कोई नुकसान नहीं हो सकता। कार के कम्युनिकेशन सिस्टम को सैटेलाइट से जोड़ा गया है। कार का सुरक्षा तंत्र भी इतना जोरदार है कि वह रासायनिक हमले को रोकने में सक्षम है। इस कार की एक बड़ी खासियत यह है कि यह पनडुब्बी की तरह पानी के अंदर भी चल सकती है।

धमाके का कोई असर नहीं होगा ..पुतिन की यह विशेष कार सेनात पूरी तरह ऑटोमेटिक है। भास्कर के मुताबिक इस कार में एक जेनरेटर भी लगा हुआ है। लिहाजा कार इलेक्ट्रिक और जेनरेटर दोनों से चल सकती है। सात मीटर लंबी इस कार की बॉडी 15 मिलीमीटर की सख्त प्लेट से बनी हुई है, जो किसी भी तरह के धमाके का प्रतिरोध करने में पूरी तरह सक्षम है।

वैज्ञानिकों की भी मदद ली गयी …पुतिन की इस विशेष कार को बनाने का काम 2012 में शुरू हुआ था। सेनात का डिजिटल डैशबोर्ड है और ऑनबोर्ड मल्टीमीडिया सिस्टम है। सेनात को जर्मन फर्म पोर्श और बॉश ने मिलकर बनाया है। इसे ढेर सारी खासियतों से जोड़ा गया है और इसे बनाने में मॉस्को के सेंट्रल साइंटिफिक रिसर्च ऑटोमोबाइल एंड इंजन इंस्टीट्यूट ने भी मदद की है। सोवियत युग में रूसी नेता अपने देश में बनी जेडआईएलएस कारों में चलते थे। 1994 से रूसी प्रेसीडेंट मर्सिडीज बेंज की पुलमैन लिमोजिन में चलने लगे।

ट्रंप की कार में भी कई खासियत….अमेरिकी प्रेसीडेंट की ऑफिशियल कार लिमोजिन वन या कैडिलाक वन को बीस्ट भी कहा जाता है। करीब 11 करोड़ रुपए की इस कार में सात लोग बैठ सकते हैं। इस कार की खूबी यह है कि खतरा होने पर ये कार एक बंकर में बदल सकती है। कार पर किसी बम, गोली या रासायनिक हमले का कोई असर नहीं होगा। इसके अलावा इसमें ऑक्सीजन टैंक, नाइट विजन कैमरे भी लगे हुए हैं।

टायर खराब होने का कोई असर नहीं….यदि कार का टायर पंक्चर हो जाए तो भी कोई फर्क नहीं पडऩे वाला और यह कार चलती रहेगी। ट्रम्प की सीट के पास सैटेलाइट फोन लगा है जो सीधे पेंटागन से जुड़ सकता है। कार में आग बुझाने और आंसू गैस का सिस्टम भी लगाया गया है ताकि प्रेसीडेंट को कोई खतरा न हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here